बुरी नज़र, टोटकों या प्रेतात्मा से पीड़ित अधिकतर लोग ग्रहों से सम्बंधित उपाय करना शुरू कर देते है, नकारात्मक शक्तियों की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण भी ऐसा समझा और बताया जाता है कि ज्योतिषीय उपायों को करने से बुरी नज़र, टोटकों, प्रेतात्मा इत्यादि की समस्या शक्तियां समाप्त हो जाएगी परन्तु समस्या ठीक नहीं होती क्योंकि गलत उपायों के नकारात्मक फल से प्रेतात्मा को नकारात्मक बल मिलता है जिससे हर उपाय को करने के बाद समस्या गंभीर होती रहती है और प्रेतात्मा बलशाली होती रहती है |

प्रेतात्मा का उपचार करने से पहले यह समझ होनी चाहिए कि आकाश में स्थित ग्रह और प्रेतात्मा दोनों का कार्य और प्रभाव अलग अलग है | ग्रह आकाश में है जो एक गति व दिशा में चलते है और उनकी सूक्ष्म किरणें पृथ्वी पर पड़ती है जबकि प्रेतात्मा पृथ्वी पर है जिनकी गति व दिशा ग्रहों जैसी बिलकुल भी नहीं है इसलिए ग्रहों के उपाय करने से प्रेतात्मा का प्रभाव कभी भी समाप्त नहीं होता |

यदि ग्रहों के उपायों को करने के बाद भी समस्या जस की तस बनी रहे तो यह इस बात का प्रमाण है कि ज्योतिषियों की समझ में नहीं आने वाली समस्या का संबंध नकारात्मक शक्तियों से है | प्रेतात्मा का उपचार करने के लिए प्रेतात्मा, बुरी नज़र, टोटकों इत्यादि के बारे में सम्पूर्ण ज्ञान होना अति आवश्यक है क्योंकि इसमें आधी-अधूरी जानकारी बहुत नुकसानदायक होती है | नज़र लगने पर प्रेतात्मा का उपाय करना या प्रेतात्मा का प्रभाव होने पर नज़र लगने का उपाय करना व्यर्थ और हानिकारक है |

प्रेतात्मा और सभी नकारात्मक शक्तियों के उपचार में कुछ महत्वपूर्ण बातें है जिनको समझना अति आवश्यक है | इसके उपचार में  झाडा लगाना, जल, धुएं, अग्नि, मंत्र, यंत्र, ताबीज/कवच इत्यादि वस्तुओं का प्रयोग किया जाता है परन्तु उपचार से पहले यह निश्चित होना चाहिए कि किस प्रकार के उपचार की आवश्यकता है क्योंकि यदि सभी कुछ एक साथ प्रयोग करने से समस्या समाप्त होने के बजाय अधिक गंभीर होने की संभावना है |

प्रेतात्मा की पकड़ के कारण पता लगाकर और उसके नकारात्मक प्रभाव के आधार पर ही उपचार होना चाहिए | किसी समस्या में झाडा लगाने की आवश्यकता हो और मंत्र उच्चारण किया जाए या फिर जल पिलाने की आवश्यकता में हवन कर दिया जाये या फिर कवच की आवश्यकता में वस्तुओं का जल प्रवाह किया जाये तो यह सभी कुछ करना समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि इससे तो प्रेतात्मा को नकारात्मक बल मिलेगा क्योंकि उपाय का फल नकारात्मक होगा |

कुछ प्रेतात्माएं सहायक होती है जिनके लिए किसी उपाय की आवश्यकता नहीं होती बल्कि उनसे लाभ उठाने का तरीका पता होना चाहिए | एक साथ सभी प्रकार के उपायों को करना तुक्का है जो कभी भी लाभदायक नहीं है | सर्वप्रथम यह पता होना चाहिए कि किस समस्या में किस प्रकार का उपाय लाभकारी होता है तभी उपचार करना संभव है | शरीर के अन्दर पहुंची प्रेतात्मा यानी खिलाई हुई और शरीर को अपनेआप बाहर से पकड़ करने वाली प्रेतात्मा का अलग अलग ज्ञान होना आवश्यक है |

प्रेत-आत्माओं का उपचार करने वाले व्यक्ति के पास यह जानने की योग्यता होना अति आवश्यक है कि प्रेतात्मा का लक्ष्य या ध्येय क्या है | पीड़ित व्यक्ति के स्वप्न, लक्षण, व्यवहार, घर, संबंध और आसपास के माहौल से यह भी पता लगाया जा सकता है कि पीड़ित पर प्रेतात्मा, श्राप, टोना-टोटका, बुरी नज़र इत्यादि किस प्रकार का प्रभाव है |

पृथ्वी पर चारों ओर प्रेतात्माएं हैं इसलिए पुस्तकीय उपाय या सुने सुनाये टोटके करना उचित नहीं है, बहुत से लोग इन्टरनेट से पढ़कर या टेलीविज़न पर देखकर उपायों को करना शुरू कर देते है जो कभी भी लाभदायक नहीं है क्योंकि सभी लोगो की समस्या भिन्न-भिन्न होती है इसलिए एक उपाय सभी के लिए लाभकारी नहीं होता |

प्रेतात्मा का उपचार करने के लिए अनुभवी व्यक्ति की सहायता से ऐसा मंत्र, उपाय और विधि सिद्ध कर लेनी चाहिए जिसका प्रयोग प्रेतात्मा के उपचार में बिना किसी हानि के किया जा सके | यदि उपाय करने वाले व्यक्ति के पास सिद्ध सामग्री नहीं है तो उसे हानि की संभावना बहुत अधिक है | नकारात्मक शक्तियों के लिए कोई भी उपाय या विधि कम से कम तीन बार करना आवश्यक है |

यह ज्ञान भी सभी लोगों को नहीं है कि हर युग में समस्या और आवश्यकता बदलती रहती है और उसी के अनुसार मन्त्रों, विधियों और उपायों में बदलाव होता रहता है इसलिए पुराने समय की समस्या के लिए हो चुका मंत्र या उपाय, आज की समस्या के लिए कारगर नहीं है | उपायों के नवीनीकरण का ज्ञान अंधविश्वास और भय से मुक्ति भी दिलाता है |

नज़र लगना, टोने-टोटकों और प्रेतात्मा के उपचार के लिए नापू शिक्षा का आरंभ किया गया है | नापू अद्वितीय गूढ़ज्ञान है, इसमें सभी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव की पहचान करना और उसको जड़ से समाप्त करना बताया जाता है | नापू ज्ञान प्राकृतिक तर्क पर आधारित है और यह जो तांत्रिक क्रियाओं से बिलकुल भिन्न है | यह उन लोगों के लिए है जो इन समस्याओं से पीड़ित है या दूसरों को लाभ पहुंचाना चाहते है |

अनेकों वर्षों की मेहनत के बाद बुरी नज़र और नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए नापू शिक्षा और नापू चिन्ह की खोज की गयी है इसका लाभ उठाने के लिए इस चिन्ह को अपने घर के मुख्य द्वार पर और शयन कक्ष में लगाये | नापू चिन्ह नि:शुल्क है, इसे प्राप्त करने के लिए संपर्क करे | नापू चिन्ह का व्यवसायीकरण वर्जित है |

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